नये परीक्षार्थीओं के लिए आवश्यक सूचना

  1. आत्मार्थी कन्या विद्या निकेतन में प्रवेश के लिए आवेदन इंटरनेट से प्राप्त कर सकते हैं।
  2. आवेदन पत्र 20 फरवरी 2017 तक आत्मार्थी ट्रस्ट में 300 रूपये के Draft के साथ अवश्य जमा करवाना आवश्यक है।
  3. प्रवेशार्थी अपने घर से Hindi, Maths, English, Science, CBSE बोर्ड की 8th Class अच्छी तरह से तैयारी करके आए। स्कूल में एडमिशन में Competition बहुत है
  4. प्रवेशार्थियों को 2 अप्रैल 2017 तक आत्मार्थी ट्रस्ट दिल्ली पहुंचना अनिवार्य है।
  5. आत्मार्थी ट्रस्ट में प्रवेश के पश्चात कन्या विद्या निकेतन के ऑफिस में अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य करवायें।
  6. 2 अप्रैल 2017 से 9 अप्रैल 2017 तक साक्षात्कार शिविर रहेगा। उसमें बालिका के साथ एक Guardian साथ में होना अनिवार्य है।
  7. धार्मिक शिक्षा के लिए बालबोध भाग 1, 2, 3 की तैयारी घर से ही करके आए।

Website: www.atmarthytrust.org,
E-mail: aatmarthi.trust@gmail.com

सम्पर्क सूत्र:
पद्मश्री जैन
मो. 9891050173, 9310761100, 9136236282


आत्मार्थी कन्या विद्या निकेतन में प्रवेश हेतु नियमावली

कन्या एवं अभिभावक से निवेदन है कि वे निम्न दिशा निर्देशों को ठीक प्रकार से पढ़ लें तथा स्वीकृत होने पर ही आवेदन करें।(आत्मार्थी कन्या विद्यानिकेतन के समस्त ट्रस्टीगण एवं निर्देशिका की अनुमति द्वारा यथायोग्य परिवर्तन समय-समय पर किये जा सकते हैं।)

प्रवेश प्रक्रिया :-

  • नवीन सत्र का शुभारंभ 2 अप्रैल 2017 से किया जाएगा।
  • आत्मार्थी कन्या विद्यानिकेतन में प्रवेश कक्षा 8वीं के पश्चात् होता है।
  • 9वीं से 12वीं तक चतुर्वर्षीय पाठ्यक्रम अंग्रेेजी माध्यम से कराया जाता है।
  • कक्षा 8वीं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कन्याओं को ही मार्च माह के अंतिम सप्ताह में आयोजित साक्षात्कार शिविर में आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें कन्या एवं उसके अभिभावक को आना अनिवार्य है।
  • प्रतिवर्ष कक्षा नवमीं में 15 कन्याओं का प्रवेश साक्षात्कार शिविर के माध्यम से किया जाता है।
  • साक्षात्कार शिविर के अंतर्गत लौकिक एवं धार्मिक प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। प्रवेश प्रक्रिया में आपके परीक्षाफल, प्रतिभा संपन्नता, आध्यात्मिक रूचि आदि सभी बातों का ध्यान रखा जाएगा, जिसके आधार पर विद्यानिकेतन में प्रवेश दिया जाएगा।
  • साक्षात्कार शिविर में आने वाली कन्या व अभिभावक को स्वयं अपने व्यय (खर्च) पर आना होगा।
  • विद्यानिकेतन में प्रवेश प्राप्त कन्याओं की सूची साक्षात्कार शिविर के अंतिम दिन सूचनापट्ट पर लगाई जाएगी। अप्रवेश प्राप्त कन्याओं को कारण बताने के लिए संस्था बाध्य नहीं है।

आवश्यक नियम :-

  • कन्या को लौकिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ विद्यानिकेतन द्वारा निर्धारित नैतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा।
  • विद्यानिकेतन में संचालित धार्मिक कक्षाओं की वार्षिक/अर्द्धवार्षिक/साप्ताहिक परीक्षाएं ली जाएंगी। जो कन्या इनमें असफल होगी, कन्या जिस पाठ्यक्रम में असफल होगी उसे दण्ड स्वरूप उस पाठ्यक्रम में जितना समय लगा है उतने समय का भोजन शुल्क देना होगा।
  • कन्या को विद्यानिकेतन में अभक्ष्य भक्षण, बिना छना जल, रात्रि भोजन, सप्त व्यसनों का त्याग, सामान्य अष्ट मूलगुणों का पालन और संपूर्ण शिक्षा काल तक शीलव्रत का पालन करना अनिवार्य होगा।
  • कन्या को अधिक्षिका के निर्देशन में विद्यानिकेतन की निर्धारित दिनचर्या का पालन व सभी प्रकार के कार्य अपने हाथों से करने होंगे, जिससे वह प्रत्येक कार्य करने में कुशलता प्राप्त कर सके।
  • कन्या को अधिक्षिका द्वारा निर्दिष्ट स्थान पर ही रहना होगा। स्वेच्छा से स्थान परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
  • कन्या स्वयं अपने आवास, आसपास के स्थान, स्नानगृह आदि में स्वच्छता बनाये रखे।
  • कन्या को अपने पास रखने वाले सामान की सूची अधिक्षिका महोदया को देनी होगी।
  • कन्या नकदी या जोखिम अपने पास न रखकर कार्यालय में जमा कराये। अन्यथा खो जाने पर उसकी स्वयं की जिम्मेदारी होगी।
  • कन्या को अपने कमरे में ट्यूबलाइट, पंखे व कूलर के अलावा बिजली का हीटर, रेडियो, टेप, वाॅकमैन, कैमरा, वीडियो-गेम,मोबाइल आदि का उपयोग निषिद्ध है।
  • विद्यानिकेतन में रहने वाली कन्याओं को निर्धारित वेशभूषा में ही रहना अनिवार्य है।
  • अभिभावक 15 दिन में एक बार रविवार को फोन पर बात कर सकते हैं एवं छात्रा से 3 माह के अतंराल से एक बार ही आकर मिलने की अनुमति है। आने की सूचना देना अनिवार्य है आने पर अधिक्षिका की अनुमति से ही छात्रा से मिले।
  • अभिभावक को सूचनानुसार बुलाये जाने पर विद्यानिकेतन में आना अनिवार्य है।
  • विद्यानिकेतन के निश्चित अवकाश के अतिरिक्त अवकाश हेतु अधिक्षिका की लिखित अनुमति लेना आवश्यक है। बिना सूचना विद्यानिकेतन से बाहर जाना यह एक दण्डनीय अपराध माना जाएगा। यदि कोई दुर्घटना घटित होती है तो इसकी जिम्मेदारी स्वयं कन्या एवं उसके अभिभावक की होगी।
  • कन्या को लौकिक शिक्षा हेतु चयनित विद्यालय के दिशा निर्देशों का पालन अवश्य करना होगा, निर्देशिका की अनुमति अनिवार्य है।
  • कन्या को स्वीकृत लौकिक शिक्षा के अलावा ट्यूशन हेतु निर्देशिका की लिखित स्वीकृति लेना अनिवार्य है।
    • जिस ट्यूशन से धार्मिक गतिविधियाँ बाधित हो उस ट्यूशन की अनुमति नहीे दी जायेगीं ।
    • जिस बिषय की ट्यूशन की व्यवस्था संस्था में है उसके लिए बाहर नहीं भेजा जायेगा।
    • इंजीनियरिंग, प्रीमेडिकल आदि कोंचिग की अनुमति नहीं है।
    • लौकिक शिक्षा व ट्यूशन फीस एंव ट्यूशन के आवागमन का खर्च अभिभावक को वाहन करना करना होगा।
  • यदि कोई कन्या किसी कारणवश विद्यानिकेतन बीच में ही छोड़कर जाती है तो उसके बाद के शेष वर्षों का प्रतिवर्ष खर्च 25000 रूपये के हिसाब से राशि जमा करने के पश्चात् ही कन्या को विद्यालय से स्थानांतरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
  • अभिभावको को तीन दिन से अधिक संस्था में रूकने की अनुमति नहीं हैं। जो अभिभावक परिसर में उपस्थित है उन्हें धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा।
  • विद्यानिकेतन के नियमों की अवहेलना करने पर कन्या को निष्काषित भी किया जा सकता है। जिसकी सूचना अभिभावक को दे दी जाएगी।

आवश्यक निर्देश:

  • विद्यानिकेतन में मात्र धार्मिक शिक्षा, भोजन, आवास व विद्यालय आवागमन व्यवस्था ही निःशुल्क है।
  • विद्यानिकेतन में कन्याओं के शारीरिक विकास हेतु व्यायाम, खेलकूद, योगा आदि की सुविधा रहेगी।
  • विद्यानिकेतन में कन्याओं के सर्वांगीण विकास हेतु प्रवचन, कक्षा, साप्ताहिक गोष्ठियां, भाषण, वाद-विवाद, भजन, संगीत आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा प्रतियोगिताओं का आयोजन समय-समय पर किया जाएगा।
  • विद्यानिकेतन में कन्याओं के मानसिक एवं बौद्धिक विकास हेतु पुस्तकालय, कम्प्यूटर व संगीत शिक्षा आदि की व्यवस्था रहेगी।
  • विद्यानिकेतन में अंग्रेंजी, प्राकृत एवं संस्कृत आदि भाषाओं की शिक्षा दी जाएगी।
  • कन्या को शिविर या धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने हेतु स्थानीय या बाहर के अन्य क्षेत्रों में भेजा जा सकता है।
  • कन्या संस्था के किसी कर्मचारी से फोन करने हेतु या आने-जाने की व्यवस्था हेतु निजी संपर्क ना करें।

प्रकृति के सुरम्य वातावरण में स्थित 'अध्यात्मतीर्थ आत्म साधना केंद्र भारत की राजधानी नर्इ दिल्ली में स्थित होने से सम्पूर्ण विश्व से वायुमार्ग से एवं भारत में रेल व बस मार्गों से सीधा जुड़ा हुआ है। दिल्ली महानगर के प्रमुख रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट से यहां पहुंचने के लिए सीधे मेट्रो एवं बस की सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में मेट्रो स्टेशन मात्र 3 किलोमीटर दूर हैं एवं 2015-16 तक मात्र कुछ मीटर की दूरी पर मेट्रो स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा।